कविता

होठों पे हंसी,

दिल में समंदर ,

आंसूओं का।

कभी कभी तूफान,

उठे दिल में,

तो भर आती है, आंखें।

भावनाओं की सुनामी,

उठती है,

और,

कांपते हाथ उतारते हैं,

कागज पे शब्द ।

कभी आक्रोश,

तो कभी प्रेम कवितायें ,

लगते हैं, यह शब्द।

दिल के तूफान थामने,

के लिए लिखने पड़ते हैं,

और,

शब्दों की माला सी कविता बनती है।