द्वार आयी माँ

पालकी में होके सवार आयी माँ, सवार आयी माँ।
खोलो दरवाज़े भगतो है द्वार आयी माँ,खोलो••।।
ग़ुलशन खिले खिले संग रंगे बहार लायी माँ,बहार• •
खोलो दरवाज़े• • •

पीले शेर भवन की निशदिन करते हैं रखवाली ।
सूरज चाँद उजाला पायेँ लिये आरती थाली।।
भर लो कलशें अपने अमृत धार लाई माँ,अमृत• •
खोलो दरवाज़े • • •

दाती ने घर घर में आकर के डाला है डेरा।
कर लो दर्शन मिट जायेगा जनम जनम का फेरा।।
जयकारे बोलो सुख के भंडार लायी माँ,भंडार• •
खोलो दरवाज़े• • •

तीनों लोक में मातारानी की है छटा निराली।
मनचाहा फल पाते हैं सब झोली रहे न खाली।।
लेलो लेलो ख़ुशियाँ अनिल अपार लायी माँ,अपार• •
खोलो दरवाज़े• • •

सुप्रभातम्
पं अनिल
अहमदनगर महाराष्ट्र
8968361211