मैं सूरज हूँ/हेमन्त पांडेय

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
सबके मन को भाता हूँ !
मैं सच्ची बातें करता हूँ ,
हर दिल को छू जाता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
सबको गले लगाता हूँ !
हिल -मिल कर रहता हूँ ,
प्रेम का पाठ सिखाता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
मानवता का रक्षक हूँ !
मानवता की बातों को ,
कविताओं में लिखता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
धैर्य पथ पर चलता हूँ !
संतोष ह्रदय में रखता हूँ ,
मंजिल पर मुस्काता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
मन को पवित्र बनाता हूँ !
सबको अपना कहता हूँ ,
सबके दिलों में रहता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का,
लम्बा सफर मैं करता हूँ !
कभी यहाँ खुशी , कभी वहाँ खुशी ,
मैं खुशियाँ बाटा करता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
मन दर्पण से कहता हूँ !
तू साफ रहा कर यूँ ही ,
मैं स्वयं को देखा करता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
यूँ ही आगे बढ़ता हूँ !
हंसी संग में रखता हूँ ,
ख्वाबों को पूरा करता हूँ !!

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
विश्वासों में रहता हूँ !
नहीं किसी का डर मुझे ,
मैं अपनी राहें चलता हूँ !

मैं सूरज हूँ उम्मीदों का ,
मैं अनुपम कवि (हेमन्त) प्यारा हूँ !
कवितायेँ प्यारी करता हूँ ,
मैं मानवता पर मरता हूँ !!

!! मैं सूरज हूँ उम्मीदों का !!

कवि – हेमन्त पांडेय ( अमेठी )

9082747967

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