किसान तेरी शान निराली/हेमन्त पांडेय

किसान तेरी शान निराली,
तुझसे है खेतों की हरियाली !
है कर्मंवान तू शक्तिशाली,
घर में तेरे है खुशिहाली !!

दिन भर करता मेहनत खूब ,
रात को सोता नींद तू प्यारी !
संघर्षों से तेरी अजब है यारी ,
संघर्षों पर करता विजय तू सारी !!

सर्दी , गर्मी, धूप ,बरसात को सहता,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान है रखता !
सुबह भोर में उठकर खेतों को जाकर ,
करता दिनभर खेतों की निगरानी !!

चलता दो बैलों की जोड़ी संग,
हल कंधे पर , हाथ में चाबुक रखता संग !
हल संग किसान की छवि प्यारी ,
कवि (हेमन्त) को लगती है न्यारी !!

कवि ( हेमन्त ) कहता बात है प्यारी ,
किसान और अन्न पे चलती दुनिया सारी !
किसान पूजनीय है दुनिया में ,
इस बात को माने दुनिया सारी!!

जय जवान जय किसान
भक्त कविराज – हेमन्त पाण्डेय (अमेठी )
9082747967

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