मालूम है वफा तेरी/उत्तम सूर्यवंशी

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मालूम है वफा तेरी
जता नहीं सकता..|

शब्दों से परे है चाहत
बता नहीं सकता..|

दिल तुममें बसता है
कहीं लगा नहीं सकता..|

सासें तुमसे चलती मेरी
तुम्हें भुला नहीं सकता..|

तेरे दर्द से पीड़ा होती मुझे
तुम्हें सता नहीं सकता..|

तेरी मुसकुराहट सकून है मेरा
तुम्हें रूला नहीं सकता..|

तुम बिन अधूरा हूँ
वगैर तुम्हारे ज़िंदगी,
बिता नहीं सकता…||

~~〽~~उत्तम सूर्यवंशी
किहार चंबा हिमाचल
मो. न. 8629082280

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