जो बिताये तेरे/अमित अहद

ग़ज़ल
जो बिताये तेरे साथ पल
बन गये हैं वो ही अब ग़ज़ल

सैर जन्नत की कर आयेंगे
दो घड़ी आ मेरे साथ चल

देखता हूँ तुझे ख़्वाब में
काम है बस ये ही आजकल

लिख लिया नाम दिल पर तेरा
ज़िंदगी हो गयी है सफल

देखने से तेरे इक नज़र
हर तरफ़ खिल गये हैं कमल

याद करके तेरी हर अदा
दिल गया है मेरा फिर मचल

याद में ऐसे खोया न रह
तू ‘अहद’ खुद को थोड़ा बदल !

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *