कोमल स्वाभाव निर्मल मन ,
ये कन्याएँ देश की आन हैं !
हर रूपों में ये भारत की ,
सुन्दर संस्कृति की शान हैं !!

यही धर्म को धारण करती ,
यही मातृभूमि की पहचान हैं !
माँ के रूप में इनकी गरिमा ,
अद्भुत और महान है !!

माँ गंगा माँ यमुना के पावन जल सा ,
हर बेटी की इज्ज़त पावन परम महान है !
श्रद्धा और विश्वास से इनका पालन करना,
हर मात – पिता का अधिकार हैं !!

बेटा इक कुल को रोशन करता है ,
बेटियाँ दो कुल की अनुपम प्यारी शान हैं !
इनकी इज्जत से हर घर , मंदिर – मस्जिद समान है ,
इनकी इज्जत से राष्ट्र का गौरव अद्भुत और महान है !!

देश की खातिर ये अबला सबला बन जाती हैं !
कहीं लक्ष्मीबाई कहीं पन्ना धाय कहलाती है !!
वक्त पड़े पर जान हतेली पर रखकर ये ,
भारत सम्मान बढ़ा जाती हैं !!

उन दुष्टों को भी कवि ( हेमन्त ) ये चेतावनी देता हैं !
जो लड़कियों को खिलौना और उनकी इज्जत को खेल समझते है !
बदलो सोच को अपनी ये वेशी दरिंदों ,
तुम भी किसी माँ के लाल कहाते हो !
उनमे भी अपनी माँ – बेटी और बहन देखो,
जिनकी आबरुओं से तुम अपनी प्यास भुजाते हो !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय ( अमेठी )
9082747967