मैं आम नागरिक हूँ !
बातें खास ही करता हूँ !!
इंसानियत का पुजारी हूँ !
सम्मान सभी का करता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
हर दर्द बयां करता हूँ !!
हसते हसाते चलता हूँ !
सब से राधे – राधे करता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
कोई ख्वाब नहीं रखता हूँ !!
हकीकत में जीता हूँ !
ख्वाबों वाले वादों पर विस्वास नहीं रखता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
मैं इंसानो में रहता हूँ !!
कलम हाथ में रखता हूँ !
सच्ची बातों को मैं पन्नों पर रखता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ ! कवि का जीवन जीता हूँ !!
तीखे वार में करता हूँ !
पर अपनी बातों में दम पूरा रखता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
शहीदों का दर्द बयां करता हूँ !!
उनके परिवारों को मैं नतमस्तक करता हूँ !
जो प्राण निछावर हुए देश पर ,
उन्हें लेखनी के शब्दों से सौ बार नमन करता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
देश के नेताओं का सम्मान बहुत करता हूँ !!
लोभ राजनीति को राष्ट्रनीति कदापि नहीं कहता हूँ !
बस इनके झूठे वादों से जनता को आगाह करता हूँ !!

मैं आम नागरिक हूँ !
कवि ( इक्कीस ) वर्ष का हूँ !!
इक्कीसवीं सदी में रहता हूँ !
जन कल्याण की ही बातों को ,
अपनी कवितओं में सहज रुप से लिखता हूँ !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय (अमेठी)