स्वच्छता की मुहिम
डा प्रत्यूष गुलेरी
सुबह-सुबह सैर पर निकले
बाबू राम लुभाया
प्रधान मंत्री जी की
स्वच्छता की मुहिम को लेकर
चिंतित हैं और
बहुत से लोग
मुज्रिम हैं उनकी अदालत में।
उनमें प्रमुख हैं
बेज़बान आबारा कुत्ते
भौं भौं करके डराते हैं
बेघर बेसहारा होकर भी
आबाद हैं हर शहर,हर गली में
कहीं भी मल त्यागना
पेशाब टांग उठा कर करना
साफ़ सुथरी स्वच्छ जगह में
और दूसरे वे बड़े और छोटे लोग
आलीशान बंगलों कोठियों और
झोंपड़ पट्टी तक के मालिक
जिनका शौक है
एक से बढ़कर एक
बढ़िया नस्ल के कुत्ते पालना
सुबह शाम नियम से
चेन में बांध कर ले घुमाना
दौड़ना उनके साथ- साथ
छूट जाए न हाथ की चेन
काट न डालें किसी राहगीर को
और देखते ही देखते
स्वच्छ साफ़ मखमली सड़क पर
खुले में वह सब कराना
जो आबारा कुत्ते करते हैं
इन पालतुओं के बड़े साहब
छोटे भी अपना मुंह
शर्म से नहीं दुर्गंध से
तुम्हारी ओर मोड़ते हैं
ऐसे ही जैसे कुछ हुआ ही नहीं
सड़क सार्वजनिक संपत्ति है
उसका उपयोग करना
इनका पहला धर्म है
नमस्कार,नमस्ते और
राम-राम!देखकर फेंकते हैं
जो मैंने महसूस किया
वह लिख दिया
सरकार का तो क्या पता
आपको क्या कहना है
यह आमजन जानें !

कीर्ति कुसुम, सरस्वती नगर,पो दाड़ी-176057
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश)।