माना तुमसे दूर हूँ माँ /हेमन्त पांडे

माना तुमसे दूर हूँ माँ ,
फिर भी तेरे दिल के करीब हूँ माँ !
तेरी ममता के साये में रहता सदा हूँ माँ ,
तू पास नहीं तो क्या तेरे एहसासों जुड़ा हूँ माँ !!

तेरी आँचल में बिताया वक़्त माँ ,
बचपन याद आता वो हर वक़्त माँ !
धूप से बचाने को ढकती आँचल से माँ ,
खुद धूप सहती जग से निराली मेरी माँ !!

बड़ा भाग्यशाली (पुत्र ) मिली मुझे तुम माँ,
बड़ा भाग्यशाली जीवन मेरा जो मिला तेरा प्यार माँ !
पहली बार आंसू तेरी आँखों में मुझसे दूर होने का ,
आज भी ममता का करता हूँ दरसन तुम्हे याद कर माँ !!

हुई गलती कोई तो माफ़ करना मुझे माँ,
अपनी दुवाओं से बेटे की लाज रखना सदा माँ !
कवि (हेमन्त) के जीवन की आखरी साँस हो माँ,
कवि बेटे के जीवन का अनुपम एहसास हो माँ !!

कवि – हेमन्त पाण्डेय ( अमेठी )
9082747967

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