(भारत मेरा देश है प्यारा)
भारत मेरा देश है प्यारा, सब देशों से है देश न्यारा।
उत्तर में इसके मुकुट हिमालय, दक्षिण के तट सागर झूमे प्यारा।
पूर्व में है इसके सूर्य निकलता, पश्चिम में है जा कर छुपता।
भारत मेरा देश निराला, छः ऋतुएं यहां करें उजाला।
कई धर्मावलंबी और विभिन्न रीति रिवाज, इस देश में हैं फूलते फलते।
कोई किसी से वैर भाव न रखता, सभी को लगता भारत प्यारा।
भारत देश है सब से न्यारा, सब की आंखों का है तारा।
प्रकृति ने अनेकों यहां रंग विखेरे, सबसे अनोखा इसे बनाया।
भारत प्यारा देश है मेरा, सब देशों से है देश यह न्यारा।
आओ मिल कर विकास करें सब, देश प्रेम के सभी गाने गाएं।
परिमल सोने की चिड़िया फिर इसे बनाएं, प्रगति पथ पर बढ़ते जाएं।
नंदकिशोर परिमल, गांव व डा. गुलेर
तह. देहरा, जिला. कांगड़ा (हि_प्र)
पिन. 176033, संपर्क. 9418187358