मौत पर राजनीति

सोचो ज़रा मेरे मन पर
क्या-क्या नहीं बीती
मेरी मौत पर भी जो तुम
करते हो राजनीति

बड़े-बड़े बॉर्ड बनाए
लिखा दिया सजाके गुड़िया
इंसाफ को तो बंद करते
पहना दी चूड़ियाँ

मुंझको स्कूल ना भेजो
माँ.. स्कूल बहुत बुरा है
जहाँ किसके हाथों में प्यार
किसके हाथ छुरा है

धड़कन तो शांत है पर
अब रूह ना सताओ
तुमसे ना हो पाएेगा
झूठे आँसू ना बहाओ

मनोरमा राठौर ऊर्फ’मनु हमदर्द’