जनता के सपनों का करते वारा न्यारा , कैसे कहूँ (हेमंत ) ये देश के नेता हैं भारत के ! जो खद्दारी में गद्दारी का व्यापार चलाते सारा !! जनता के सपनों का करते वारा न्यारा……………! अपनी बीबी अपना बच्चा लगता इनको प्यारा , अपनों कि ख़ातिर नौकरियों मे करते नया घोटाला ! इन नेताओं की कोई जाति नहीं , गिरती सत्ता से करते हर रोज किनारा !! जनता के सपनों का करते वारा न्यारा ………….. ! जनता में लोभ दिखा कर कहते भाईचारा ! दंगा फसाद कराकर ये अपने गुंडों से , कहते देखो हिन्दू भाई उस मुस्लिम ने क्या कर डाला !! जनता के सपनों का करते वारा न्यारा……………..! पहले ढोंगी बाबाओं का पैर पकड़ते ये नेता , फिर रुपयों की माला देकर , कहते आराम मिला सारा ! जब भोली जनता की आँखों से उतरा पानी सारा, तब नेता कहता ढोंगी बाबा से, तुमने नोट बन्दी में आबरुओं और रुपयों का बाज़ार सजा डाला !! जनता के सपनों का करते वारा न्यारा………………….! भर आयी आँखे कवि ( हेमन्त )की लिखते ये हाल सारा ! न जाने किन हाथों सौपा है जनता ने , खुशियों भरा भारत का कल सारा !! जनता के सपनों का करते वारा न्यारा ………..! जय हिन्द