….आस्था…..

आस्था से आज खेल रहे है
बाबाओं नेताओं के मेले लगे है

बाबाओं नेताओं का राज़ चला है
टीवी और न्यूज़ वालों का TRP बड़ा है

आस्था के नाम पर आज सामान बिक रहा है
ईमान बिक रहा है इंसानियत बिक रहा है

मिली है आजादी आज देश में
बाबाओं नेताओं और अभिनेताओं को

लोग गुलाम है बाबाओं के सत्संग में
और नेताओं के भाषणों में अभिनेताओं के डाँस में

आलीशान कुटिया है जहाँ बाबाओं की
वहाँ नेताओं की कोठी तो बेकुन्ठ है

आस्था में ऐसे गुलाम है सब
क्या हिंदू क्या मुस्लिम क्या सिख ईसाई

सब ने ऐसे धर्म है चलाई
खा रहे है सब मिल कर मलाई

नोट बैंक से अब वोट बैंक
सब ने खोले है आस्था का टेंक

कोई आशा कोई राम
सबका का धँधा है राम नाम बदनाम

दे रहे है छूट देश के घ्दार नेता
बदले में वो सबक धोखा देता

ये आस्था है देश का
जहाँ भगवा देखा सर झुकाते है

कानून ही सब का रखवाला है
जहाँ सबका आज लगा ताला है

जहाँ साधु संत देश के गुरु थे
आज वही देश के राक्षस हुवे है

राम भगत