लेखनी सैनिक की जय बोल।
खोल देना दुभाषिये पोल।।
तुम्हारा शोणित है अनमोल।
बजेगी तेरी जय ध्वनि ढोल।।

गोलियाँ खाते सीमा पर।
प्राण करते हँस न्यौछावर।।
व्योम भी गुंजित है सस्वर।
वन्दना भारत वीर प्रखर।।
डा.मीना कौशल