———गीत तिरंगा———-

मेरे देस दे तरंगेया ओ””””””
नित ऊंचा ही लेहरायां ओ”””””

हरे रंग दी हरियाली
चारों पासे खुशहाली
तेरे, इस रंगा द संदेसा ओ”””””””
हरा भरा रेह्णा सहाड़ा देसा ओ””
मेरे देस दे तरंगेया ओ”””””””

चिट्टा रंग नरमेल
सांती दी है चहल पहल
सारे,धर्मां दी पहचान ओ”””””
मिली-जुली रेह्णा हिन्दोस्तान ओ””
मेरे देस दे तरंगेया ओ””””

केसरी रंग ये वताये
जेह्ड़ा देसा जो सताये
तके, कोई बैरी बेइमाई ओ”””””
देसे तांई हौंणा कुर्बान ओ””
मेरे देस दे तरंगेया ओ””

चक्र द संदेसा सौंह्णा
दिन रात कम्म हौंणा
अग्गे, रैंह्णां साहड़ा देसा ओ””””
नी रहणां कोई त कलेसा ओ””
मेरे देस दे तरंगेया ओ”””””

विक्रम समोट चम्बा
(हि० प्र० )
7018479919