शीर्षक (मुजफ्फरनगर रेल हादसा)
आज फिर मुजफ्फरनगर एक रेल हादसा।
दर्जनों मरे, सैंकड़ों बुरी तरह घायल।
प्रभु सहारे भारतीय रेल।
टूटी पटरियों पर दौड़ी जाए।
रेलमंत्री और अधिकारी, पहुंचेंगे घटनास्थल पर।
जांच कमेटी बैठेगी, रिपोर्ट फायलों में लग जाएगी।
सहायता के नाम पर कुछ रुपए मौत के बदले।
और कुछेक सिक्के घायलों में बंट जाएंगे।
कौन है घटना के लिए जिम्मेदार?
बात यह भविष्य के पेट में जाएगी।
साधारण यात्री है खौफजदा।
रेलयात्रा में कब और कहां जाने।
किस की गलती से और क्यों।
उसकी मौत कैसे आएगी।
वो दिन अब लद गए।
जब शास्त्री जी जैसे रेलमंत्री।
एक ही रेल हादसे पर दुखी होकर।
त्याग पत्र देकर, अपने घर बैठ गए।
आज तो बेशर्मी का नाच है।
किसी को इतनी मौतों से क्या खौफ है!
कहेंगे हादसे तो हादसे हैं होते रहेंगे।
परिमल आम जन ऐसे ही मरते हैं और मरते रहेंगे।
नंदकिशोर परिमल, गांव व डा. गुलेर
तह. देहरा, जिला. कांगड़ा (हि_प्र)
पिन. 176033, संपर्क. 9418187358