काश ऐसा भी होता/उत्तम सूर्यवंशी

काश ऐसा भी होता”
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कोई प्यासा न रहे,
कोई भूखा न रहे,
सबकी आवाज़ होती,
मरता न भुख से कोई,
दुनियाँ ग़रीबी से ,
आज़ाद होती..!

सब करते इक दुजे
की मदद,
तो क्या बात होती..!

सारी दुनियाँ पढ़ती
पाठ मुहब्बत का,
तो इक सुर में ,
आवाज़ होती…..!

आतंकवाद न भ्रष्टाचार होता
तो क्या बात होती..!

मिट जाता ये सब,
अगर पुरी दुनियाँ,
इसके ख़िलाफ़ होती,
सब खड़े होते साथ,
दुश्मनों की क्या ,
औक़ात होती…!

ख़ुशहाल होता इन्सान,
अगर ऐसी बात होती..!

न होता दुश्मन पैदा
सच अगर ‘उत्तम’
की बात होती…!!

उत्तम सूर्यवंशी
किहार चंबा हिमाचल
मो. न.8629082280

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