जब कभी शाम ढल जाये
जब तुम्हें याद हम आये
बन्द कर लेना नयन प्यारे,
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

जग भुला देगा जलने के बाद,
बीबी याद करेगी कभी कभार,
टूट रहे होंगे जब सब सहारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

बच्चे भूल जायेंगे समय के साथ,
बोझ तले दबे कैसे करेंगे याद,
दिल से जब जब तु पुकारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

चाल चेले हाथ न लगे,
रोग हो जाये टेढ़ा खेल
मीठे कुम्भ लगे सागर खारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

खुद ही सफर तय करना है
होती वक्त की गेत पछेत
दिखें दिन में जब कहीं तारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

कभी हम बिछुड़ जायें,
याद भुलाये न भुला पाये,
हर ओर दिखे अन्धेरा प्यारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

बन्द कर नैन रो भी न पाये,
आँसु नयन में ही सूखते जायें
ऐसा होगा जब साथ तुम्हारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

मन मना लेना इस बात से,
मुर्दे जले ले ले लकड़ी सहारे,
बन्द कर लेगा कोई गेख द्वारे
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।

हम से मिलने घर न आना,
होगा नहीं बहाँ वसर ठिकाना,
यादों के महल खो जाना प्यारे,
हम होंगे साथ तब तुम्हारे।।
जग्गू नोरिया