खताएँ हम सभी तेरी भुला देंगे
ख़ुशीयाँ तेरे दामन में सजा देंगे

यकीं कर ले मेरी बातों पे जाने जाँ
तेरा हर दर्द हम दिल से मिटा देंगे

सुना ना मुहब्बत के गम ज़माने को
भरी दुनिया है प्यारे सब हवा देंगे

करें परवाह क्यों अब हम ज़माने की
जहाँ को मोहब्बत से हम झुका देंगे

न धन छुपता किसीसे ना मुहब्बत ये
जहाँ को मोहब्बत करना सिखा देंगे

मिटाना चाहे भी तो मिट न पायेगी
रियासत इश्क की ऐसी बसा देंगे
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
29/4/2017
आई – 11 पंचशील नगर
नर्मदा रोड (जबलपुर म,प्र,)