वो धुन कहाँ खो
गई कृष्णा ..!
गाऊएँ लावारिस हो
गई कृष्णा ..!

कोई रखवाला नहीं
दुनियाँ सो गई कृष्णा .!

तेरी कामधेनु की
कैसी हालत हो गई कृष्णा..!

पूजी जाने वाली
दर वे दर हो गई कृष्णा..!

घर घर की शान
बेघर हो गई कृष्णा ..!

क्यूँ तेरी बाँसुरी की धुन
बेअसर को गई कृष्णा..!

ऋिष मुनियों की सम्पत्ति
राजनीति में हो गई कृष्णा..!

पवित्र समझे जाने वाली
बुछडखाने में अपवित्र
हो गई कृष्णा..!

माँ समझी जाने वाली
बिकाऊ हो गई कृष्णा..!

वो धुन सुना दो
कहाँ खो गई कृष्णा..!

आपकी गाऊएँ लावारिस
हो गई कृष्णा..!!

उत्तम सूर्यवंशी
तलाई किहार
चंबा हिमाचल
मो.न. 8629082280