प्रेरणा जीवन की गतिशीलता का ईंधन है।प्रेरणा से ही हमारा जीवन क्रियाशीलता के रास्ते पर निरंतर रहता है।सफलता के लिए आत्मविश्वास, द्रृढ़ इच्छाशक्ति ,धैर्य,परिश्रम की सीढियां सहारे का काम करती है लेकिन ये सीढियां प्रेरणा की नींव पर खड़ी होती है।प्रेरणा जीवन को कर्म पथ पर अग्रसर रखती है।प्रेरणा ही है जो हताश और निराश खड़े मनुष्य में आशा का दीपक जलाती है और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है।जिस तरह बिना ईंधन के गाड़ी नहीं चल सकती उसी तरह प्रेरणा के बिना जिंदगी के पहिये थम जाते हैं और जिंदगी में भटकाव पैदा होता है।
आजादी की लड़ाई में असंख्य वीर फांसी के फंदे पर झूले ,इसके पीछे आजादी की प्रेरणा थी।कारगिल युद्ध में अनेक वीर शाहिद हुए इसके पीछे देशभक्ति की प्रेरणा थी ।
राज ब्रुस और मकड़ी की कहानी तो सुनी होगी, किस तरह हताश और निराश बैठे राजा को एक मकड़ी से आगे बढने की प्रेरणा मिलती है।जब राजा ब्रूस दीवार पर चढ़ती गिरती और अंततः दीवार पर पहुंची मकडी को देखते हैं तो उन्हें एक प्रेरणा मिलती है गिर कर उठने और आगे बढने की।
प्रेरणा जिंदगी का ईंधन है।जिंदगी के रण में प्रेरणा बाण ब्रह्मास्त्र भी है ,कृष्ण का सुदर्शन भी है और शिव जी का त्रिशूल भी है अर्थात जिंदगी के
रण का महाअस्त्र प्रेरणा है।
वीपी ठाकुर