सुन लो कृष्णा ”
बाँसुरी की वो मधुर धुन
फिर से सुना दो कृष्णा ..!

रूखे पड़े दिलों में
फिर से प्यार जगा
दो कृष्णा ..!

बिखरे पड़े हैं इक दुजे से
वो रिशते फिर से
बना दो कृष्णा .!

अपने लिएे जीने लगे हैं
सबके लिए जीना
सीखा दो कृष्णा…!

भड़क चुके सब झुठ में
सच की वो राह दिखा
दो कृष्णा ..!

सब करें सबसे प्यार
वो इन्सान ला दो कृष्णा ..!

सब एक हो जाएँ
धरती पे वो शान ला
दो कृष्णा ..!

माँ बहू बेटियाँ ,ज़लील न हो
संसार को ऐसा .
पाठ पढ़ा दो कृष्णा ..!

माँ बाप आश्रम में हैं
उनको घर बुला दो कृष्णा…!

इन्सान इन्सान लड़ रहे

रिश्ते सब मर रहे
फिर से वो रिश्ते ला दो कृष्णा ..!
समुदाय में बँट गए हैं
एकता में ला दो कृष्णा ..!

नफ़रत में जल रही दुनियाँ
प्यार में ला दो कृष्णा ..!

उग्रवाद को पनपने न दो
सुदर्शन चक्र उठा लो कृष्णा ..!

तोड़ दो मटकी पाप की
धर्म की जौत जगा दो कृष्णा ..!

मान लो विनती ‘उत्तम’ की
इस बार यूँ जन्म दिन मना
लो कृष्णा …!!

उत्तम सूर्यवंशी
तलाई किहार
चंबा हिमाचल
मो.न.8629082280