तुमको भुलाऊ मैं कैसे….

तेरा नाम लिख दूँ दिल में
तुझको भुलाऊँ मैं कैसे तस्वीर बसी है मैरे दिल में

दिल् से प्यार किया है
करता रहूंगा चाँद सितारों की कसम

कोशिश कितनी भी करूँ मै.
ये प्यार कैसे छुपाऊ दुनियाँ से मैं

ख्वाबों में रोज़ आते हो
और तड़पा कर चले जाते हो

कोमल और नाजुक हो तुम
तुम सबको अच्छी लगती हो

तेरी मांग सजाऊँ मैं कैसे
दुनियाँ वाले जल जायेंग

न इतना कतराओ पास आओ
मैरे प्यार पे इतना मत इतराओ

प्यार मुझे कितना करते हो
दुनिया को बतलाऊं मैं कैसे ।

तेरा नाम लिख दूँ दिल में
अब तुझको भुलाऊँ मैं कैसे तस्वीर बसी है मैरे दिल में

राम भगत