तमन्ना”
———-/////———
उठना सीखा नहीं
तमन्ना सूरज पकड़ने की..!

दो क़दम मुश्किल से चल पाता
तमन्ना एवरेस्ट चढ़ने की..!

ख़ुद से लड़ पाता नहीं
तमन्ना लोगों से लड़ने की..!

परिवार संभाला नहीं जाता
तमन्ना ंशनशाह बनने की..!

लाठी पकड़ नहीं पाता
तमन्ना दुनियाँ मुट्ठि में करने की.!

पेड़ पर चड़ नहीं पाता
तमन्ना जहाज़ पर चढ़ने की..!

जेब ख़ाली है पर
तमन्ना चाँद पर बसने की..!

सारी उम्र गुनाह किये
पर तमन्ना मोक्ष पाने की..!

ऐ इन्सान क्यूँ इसमें बह गया
ये कभी पूरी नहीं हुई,
ज़रूरत है इससे बच पाने की…!

उत्तम सूर्यवंशी
तलाई किहार
चंबा हिमाचल
मो.न.8629082280