जिंदगी
जिंदगी स्वप्न सी है,
जिंदगी भर की कमाई,
कफन ही है,
ताउम्र मंजिल के भ्रम में जीते हैं,
अफसोस,
मंजिल से पहले,
मौत आकर ,
होश ले जाती है,
भ्रम कफन में लिपट कायम रहता है,
और हर जिंदगी,
एक दिन यों ही,
भ्रम में जीते जीते,
मंजिल तक पहुंच जाती है।

वीपी