इक्क जमोरड़ ऐब पुराणाँ सीह्स्से दा

(प्हाड़ी ग़ज़ल) द्विजेन्द्र द्विज

इक्क जमोरड़ ऐब पुराणाँ सीह्स्से दा
छुटदा ई नी सच्च गलाणाँ सीह्स्से दा

तोड़ी ने भन्नी ने प’थराँ मारी ने?
दस्सा कीह्याँ सच्च छडाणाँ सीह्स्से दा

अपणे चेहरे दा नीं झलणाँ सच्च मितराँ
प’थराँ ने थोब्बड़ छड़काणाँ सीह्स्से दा

किरचाँ दा एह ढेर तुसाँ जे दिक्खा दे
एह्त्थू इ था सै सैह्र पुराणाँ सीह्स्से दा

कदी ता मितरो ! मूँह्यें अपणे भी पूँह्ज्जा
घड़-घड़ियें भी क्या लसकाणाँ सीह्स्से दा

बाह्रे दी दुनिया भी दिखणीं अन्दरे ते
इक्क लकोळू भी रखुआणाँ सीह्स्से दा

इट कुत्ते दा बैर ए सीह्स्से प’थरे दा
प’थराँ नैं क्या हाल सुणाणाँ सीह्स्से दा

इक्क स्याणाँ माह्णूँ एह समझान्दा था
प’थराँ बिच नीं सैह्र बसाणाँ सीह्स्से दा

भखियो तौन्दी अग्ग बर्हा दी पर अपणाँ
हर समियान्नाँ, ठोह्र-ठकाणाँ सीह्स्से दा

जे घड़ेया सैह भजणाँ भी ता था इक दिन
‘द्विज’ जी ! किह्तणाँ सोग मनाणाँ सीह्स्से दा

लेखक परिचय
*विवरण*

नाम : द्विजेन्द्र शर्मा
लेखकीय नाम: द्विजेन्द्र ‘द्विज’
व्यवसाय:सरकारी नौकरी
लेखन भाषा:हिंदी,पहाड़ी,अंग्रेज़ी,उर्दू
विधाएँ:ग़ज़ल,कहानी,समीक्षा,अनुवाद।
प्रकाशित कृतियाँ : जन-गण-मन (ग़ज़ल संग्रह) प्रकाशन वर्ष-2003. संग्रह की 250 से अधिक समीक्षाएँ राष्ट्र स्तरीय पत्रिकाओं एवं समाचार—पत्रों में प्रकाशित।
सम्पादन :डा. सुशील कुमार फुल्ल द्वारा संपादित पात्रिका रचना के ग़ज़ल अंक का अतिथि सम्पादन
संकलन :
दीक्षित दनकौरी के सम्पादन में ‘ग़ज़ल …दुष्यन्त के बाद’ (वाणी प्रकाशन),
डा.प्रेम भारद्वाज के संपादन में सीराँ (नैशनल बुक ट्रस्ट),
उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ की पत्रिका साहित्य भारती के नागरी ग़ज़ल अंक,
डा.पीयूष गुलेरी के सम्पादन में किरनी फुल्लां दी (नैशनल बुक ),
डा.प्रत्यूष गुलेरी के सम्पादन में हिमाचली लोक कथाएँ(नेशनल बुक ट्रस्ट),
रमेश नील कमल के सम्पादन में दर्द अभी तक हमसाए हैं।