“पिता”
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पिता शब्द नहीं
वो तो आसमान है .!

पिता रिश्ता नहीं
भगवान समान है..!

सदा किया खता को माफ़’
पिता तो एेसे इन्सान है..!

कभी क़र्ज़ चुका न उनका
पिता सबसे महान है ….!

दिन कोई भी हो
हर दिन माता पिता
का ध्यान हो..!

बजह कोई भी हो
हर हाल मैं माता पिता
का समान हो..!

सदा ऊँचा रहे माँ बाप
का सिर..
हर बच्चे का ये
आरमान हो…!

उत्तम सूर्यावंशी
किहार चंबा हिमाचल
मो. न.8629082280