कविता/उत्तम सूर्यवंशी

“वक़्त वक़्त की बात”
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वक़्त वक़्त की
बात होती है,
कभी सुखों से,
तो कभी दुखों से
मुलाक़ात होती है…!

हमेशा इक सी
नहीं चलती ज़िंदगी’
दिन ओर रात की तरह
इसकी भी हालात होती है…!

जिस क़दर जीते थे,
अब वो क़दर नहीं है,
ये वक़्त की बात होती है…!

जैसा भी आएे वक़्त’
गुज़र जाता है,
कितना मिला ज़िंदगी को
मुकदर की बात होती है…!

उत्तम सूर्यवंशी
किहार चंबा हिमाचल
मो.न.8229082280

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