दृष्टिकोण

चूँकि मेरा विषय दृष्टिकोण है तो क्यूँ न आपका दृष्टिकोण जानने के लिए मैं आपसे एक प्रश्न पूछ लूँ | बताइये एडिसन की बल्ब खोज से आपने क्या सिखा? सम्भवतः आपका जबाब होगा की “धैर्यपूर्वक अपने काम में लगे रहने से सफलता जरुर मिलती है |” क्योंकि उसने भी तो १०००(1000) बार असफल हो कर मात्र एक ही बार सफलता प्राप्त की थी | मित्रों यहाँ पर एक और सीख है जो हमे मिलती है और वो ये कि बल्ब खोजी एडिसन अँधेरे से डरता था और यहीं पर तो हमरा दृष्टिकोण जांचा जाता है अगर उसकी जगह कोई और होता तो शयद कभी अँधेरे में जाता ही नहीं लेकिन एडिसन ने अपने डर के सामने सिर नहीं झुकाया और वो कर दिखाया की आज भी जब असफलता का या डर का जिक्र कभी होता है तो हम उसी का उदाहरण देते हैं | पत्थर तो हर किसी की राहों में फेंके जाते हैं मित्रों पर कुछ लोग जहाँ उन्ही पथरों से अपने लिए दीवार खड़ी कर लेते हैं तो कुछ सिरफिरे उन्ही पत्थरों से अपने लिए कामयाबी की सीढ़ी बना लेते हैं| हमारा दृष्टिकोण ही इस बात का निर्णय करता है कि किसी घटना को किस रूप में देखते हैं| दृष्टिकोण अगर सकारात्मक है तो हमें अच्छा महसूस होता है नहीं तो सब कुछ होने पर भी हमारा ध्यान उस न जा कर जो हमारे पास नहीं है उस पर जाता है| सकारात्मक दृष्टिकोण सिखाता है की सब कुछ ठीक नहीं तो कम से कम कुछ तो ठीक है और जो ठीक नहीं भी है उसे कैसे ठीक किया जाये| एक चिंता से जुड़ा दूसरा चिंता के साथ साथ चिन्तन पर भी बल देता है|

याद रखना मित्रों ,

रास्ता उन के लिए लम्बा होता है,
जिन्हें चल कर जाना होता है |
पर जिन्हें कुछ कर दिखाना होता है,
उन्हें तो अपना रास्ता खुद ही बनाना होता है |

जय हिन्द …

युद्धवीर टंडन (कनिष्ठ आधारभूत शिक्षक रा. प्रा. पा. अनोगा) गावं तेलका जिला चम्बा हि. प्र. पिन कोड 176312 मोब. 78072-23683