…कोई आप से सीखे…

दिल में बसा कर
नई आशा जगा कर

आज एक पल भी
बात ना सुनना कोई आप से सीखे

अपना बना कर प्यार जता कर
रोज़ दर्द देना कोई आप से सीखे

जब मालूम है तुम दवा हो
दर्द दे दिल की मेरी

दिल में जगह बना कर
दिल से नाता तोड़ना कोई आप से सीखे

रात होते ही दीदार का अर्ज है
आश्की आपकी ऐसी है कोई आप से सीखे

राम भगत अधूरा है आज भी
मेरे प्यार को प्यार से रंगना कोई आप से सीखे

राम भगत