कविता/राम भगत नेगी

पापा के दहलीज में ….

पापा के दहलीज में
हम को सब मिला है

अंधकार की दुनियाँ मे.
प्रकाश मिला है

जीवन जीने की
शक्ति मिला है

पापा की दहलीज में
हम को सब मिला है

सुख शांति संस्कार
जीवन जीने का सार

पाप पुण्य सच झुठ
का गणित

मोह क्रोध लोभ
पर विचार

जीवन जीने का सार
अपने पराये से प्यार

पापा की दहलीज में
हम को सब मिला

आशीर्वाद यूं बना रहे
हम सब पर

आपकी दया कृपा
आपकी महनता सब पर बनी रहे

हम रहे या ना रहे आपकी
कीर्ति और यश सदियों तक सभी गाते रहे

पापा की दहलीज में
हम को सब मिल है
राम भगत

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