कविता/उत्तम सूर्यवंशी

/बिन दहेज बेटी ब्याह पाऐगें कैसे//
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कुछ लोग रोटी तक
जुटा पाते मुश्किल से’
तो दहेज जुटा पाएँगे कैसे,
कुछ लालची लोगों से ,
बेटी बचा पाएँगे कैसे,
हर बेटी का सपना है साजन का घर’
मगर बिन पैसे डोली सज़ा पाएँगे कैसे
बिन दहेज बेटी ब्याह पाएँगे कैसे…..!!

टूट जाती हैं शादियाँ लोट जाती हैं वरातें’
जब लाचार माँ बाप देहज नहीं जुटा पाते’
उनकी लाचारी पे मलहम लगा पाएँगे कैसे’
बिन दहेज बेटी ब्याह पाऐगें कैसे…..,!!

कुछ दहेज लेकर भी खुश नहीं होते,
हर रोज़ उकसाते रहते हैं,
ओर ज़्यादा पाने की माँग करते रहते हैं,
कुछ मिला नहीं तो जला मार दिया करते हैं
उनकी इस हैवानियत से ,
बेटी बचा पाएँगे कैसे,
बिन दहेज बेटी ब्याह पाएँगे कैसे …..!!

पता नहीं कितनी बेटिओं को ‘
मार दिया जाता है दहेज पाने की चाहत में,
बेटी के अरमानों को क्यों ‘
मिला दिया जाता है खाख में,
क्यों कुछ हैवान रहते इस ताक में ,
इस बुराई को समाज से भगा पाएँगे कैसे,
इस हक़ीक़त को दिल में जगा पाएँगे कैसे’
बिन दहेज बेटी ब्याह पाएँगे कैसे….!!

दहेज पाने वालों आपको भी बेटी है
आपको भी इससे गुज़रना पड़ेगा ,
न दहेज लेना न दहेज देना
सबको सुधरना पड़ेगा ,
बस थोड़ी सी सोच को
बदलना पड़ेगा ,
इस बुराई से सबको लड़ना पड़ेगा ,
बेटिओं को सुरक्षित रखना है तो’
इस बुराई को समाज से
बहार करना पड़ेगा,
सोच बदली नहीं तो साथ चल पाएँगे कैसे’
बिन दहेज बेटी ब्याह पाएँगे कैसे…..!!

उत्तम सूर्यवंशी
गाँव तलाई किलोड
सलूनी ज़िला चंबा (हि.प.)
पिन कोड–176320
मो. न. 8629082280

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