जननी जन्म भूमि रक्षक

स्वदेश हित त्याज्य सर्वस्व,
सुविधा- वैभव- सन्मान
रिपु संहारक केशव सैनिक
अहं रहित शत शत प्रणाम

हे तपस्वी! ओजस्वी! कर्मठ
तृप्त गम्भीर निश्छल जीवन
मानवीय तत्व अभयदानी
अति दुर्लभ तेरा बर्णन

धैर्य शौर्य सखा जाके
यश अपयश सेवक जान
बीहड़़ कंटक हिम मरु
बढ़े सतत् ब्याध समान

जननी जन्मभूमि रक्षक
अरि. भक्षक अति बलवान
जन नायक जन जीवन
प्रिय भारती! शत शत प्रणाम।

सुरेश भारद्वाज निराश
धौलाधार कलोनी लोअर बड़ोल
पी.ओ. दाड़़ी, थर्मशाला हिप्र
176057
मो० 9418823654

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