देश है पुकारता


भारत मां के वीर जवानों,
देश के प्यारे न्यारे परवानों।
आगे बढ़ कर देश बचाओ,
देश तुम्हें पुकारता_देश तुम्हें पुकारता।

परिवर्तन की राह पर बढ़ चला है_देश तुम्हारा,
रिश्वतखोरी, सीनाजोरी, भुखमरी और लाचारी,
मिटाने को यह देश है पुकारता।

बिना मकान न हो यहाँ कोई,
निर्धनता न दिखे यहाँ पर।
समता का हो राज यहां पर,
हर नागरिक है यही पुकारता।

दुश्मन बुरी नजर न डाले,
आंख उठा न देखे कोई।
बाल न बांका कर सके कोई,
सिर्फ यही भारत देश है पुकारता।

परिमल कुंभकरणी नींद छोड़ कर,
मोदी संग कदमताल करो सब।
थोड़ा सा है वक्त मिला अब,
और अधिक करोगे क्या कब?
छोड़ दो अब ये आलस सारी,
आगे बढ़ कर देश बनाओ।
बस यही कुछ देश है पुकारता।
बस यही कुछ देश है पुकारता।।
नंदकिशोर परिमल
गुलेर (कांगड़ा)

कारगिल विजय दिवस पर हमारे वीर सैनिकों को शत शत नमन आज आप पढ़ सकते हैं विजयी दिवस पर खास हमारी पत्रिका की रचनाएं “शहीदों को सलाम”।
आप भी अपनी रचना हमें भेजना चाहें तो आप हमारी पत्रिका में भेज सकते हैं।
Visit
www.bharatkakhajana.com
Click on Navigation (left side)
Submit your content