छोटी सी जिंदगी है,
कट ही जाएगी चलते चलते।
एक दिन कफन में लिपट उड़ जायेगी राख बन,
जी लो हर पल हंसते हंसते।

क्यों सोचते हो किसी के बारे गलत,
मत जियो यूँ जलते जलते।

हंसी खुशी जिओ हर पल,
मत जिओ यूं सोचते सोचते,

रुखसत हो जाएंगे दुनिया से,
यूं ही हसरतें पूरी करते करते।

एक दिन ढल जायेगी जिंदगी सूरज की तरह,
छोड़ जाएंगे अपने पराये और यादों के साये जाते जाते।

वीपी ठाकुर
कुल्लू