गजल
ये तेरे चश्मे मस्त मुझे दिवाना न कर दें,
फिजां बहार की कहीं मुझे मस्ताना न कर दे |
खुल कर हंसना और मिलना सभी से तेरा,
कहीं कोई तेरा अफसाना न कर दे|
यूं घटा-ए-जुल्फ में बिजली ले कर न चला करो,
ये हमें इन जुल्फों का परवाना न कर दे |
निगाहे मस्त से अपलक देखना फिर मुस्कराना,
पैदा इस दिल में प्यार का तराना न कर दे |
मुस्कान तेरे लवों की खुशबू तेरे बदन की,
मौसमे खिजां को भी सुहाना न कर दे |
सरूर निगाहों में शराब आंखों में लाली लवों पे,
सुधांशु ये नेमतें तुम्हें चलता फिरता मयखाना न कर दे |
संजीव कुमार सुधांशु
गांव व डाकघर च्वाई
त. आनी जिला कुल्लू
हि. प्र. 172032
फोन -94182-72564,70188-33244.
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