हिमाचल बजट की कुछ मुख्य घोषणाएं और खास बातें।

आखिरी बजट में CM का बड़ा ऐलान: 1000 रुपए मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपना 20वां और इस सरकार का आखिरी बजट पेश कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्या है बजट 2017-18 की खास बातें।
 

जानिए, बजट 2017-18 की खास बातें
– बेरोजगार युवकों को मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
– दसवीं और 12वीं पास को मिलेगा 1 हजार प्रति माह
– दिव्यांगों को मिलेगा 1500 रुपए प्रति माह 
– 650 स्कूलों में वोकेशनल लोबेरेटरी होगी अपग्रेड
– 12 कॉलेजों में शुरू होंगे बी-वोकेशनल कोर्स
– इसके लिए बजट में 39 करोड़ रुपए का प्रावधान
– 850 स्कूलों में मिल रही वोकेशनल शिक्षा
– 57 हजार विद्यार्थी ग्रहण कर रहे वोकेशन शिक्षा
– बेटी है अनमोल योजना का बजट बढ़ा, 5001 से बढ़ाकर राशि 10,000 करने का प्रस्ताव
– मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का बजट बढ़ा, राशि 25000 से बढ़ाकर 40,000 करने का प्रस्ताव
– बजट के दौरान मुख्यमंत्री ने शेयर भी पढ़ा, डर मुझे भी लगा फासला देखकर, मगर मैं बढ़ता गया रास्ता देखकर, खुद ब खुद मंजिल पास आती रही मेरा हौसला    देखकर
– बीमार लोगों के लिए मुफ्त बस सेवा 
– 154 करोड़ से राजीव गांधी सिंचाई योजना शुरू की
– 1134 करोड़ हिमाचल हॉर्टिकल प्रोजेक्ट के लिए नाबार्ड ने दिए
– पिछले 4 सालों में बनाए गए 40 हजार घर 
– 13716 हेक्टेयर क्षेत्र में सिचाई सुविधाएं दी गई
– कर्माचारियों को 2455 करोड़ रुपए के अतिरिक्त लाभ दिए गए
– पेंशनर्स को 910 करोड़ के लाभ पिछले 4 सालों में दिए गए
– धर्मशाला को लाया गया स्मार्ट सिटी के तहत 
– शिमला और कुल्लू को अमृत योजना के तहत लाया गया
– मुख्यमंत्री ने शायराना अंदाज में कहा- मेरा यही अंदाज जमाने को खलता है इतनी मुश्किल सहकर भी यह सीधा कैसे चलता है
– एंटी हेल नेट पर सब्सिडी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत की गई
– सभी विभागों में सर्वे किया जाएगा कि कितने लोग फील्ड पर जाते हैं और कितने सचिवालय कार्यालय में आते हैं 
– सभी विभागों को पूछा जाएगा कि लोगों को घर पर सुविधाएं देने के लिए क्या किया जाए 
– प्रशासन जनता के द्वार की तर्ज पर काम करने को तैयार
– नोटबंदी के बाद राष्ट्रीय विकास पिछले सालों की तुलना में खराब हुआ 
– केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक विकास दर 7.9 के मुकाबले 7.1 पहुंची
– 1946 में भी विमुद्रीकरण की नीति अपनाई गई थी, जिसे बाद में रद्द करना पड़ा  
– बिना तैयारी के ही 2016 में विमुद्रीकरण किया गया
– लोगों को मुश्किले हुईं जो आज भी जारी है
– सभी क्षेत्रों पर इसका बुरा असर पड़ा, व्यापार, उत्पादन में गिरावट आई 
– किसानों की आय में भी कमी आई  
– देश को इससे उबरने में कई साल लगेंगे
– हिमाचल देश के लिए विकास का एक मॉडल है
– 7.4 फीसदी की दर से पिछले 4 सालों में विकास हुआ
– प्रति व्यक्ति आय को 147277 करने का लक्ष्य
– मुख्यमंत्री ने कुल 5700 करोड़ पेश किया बजट 
– 1000 करोड़ अनुसूचित जाति, 538 और 70 करोड़ पिछड़ा क्षेत्र के लिए हमारा कर्ज चिंता का विषय रहा है
– हमारा कर्ज मार्च 2016 तक 38,568 करोड़
– 2017-18 में हमारा ब्याज 3500 करोड़ होगा
– मुख्यमंत्री ने एक और पढ़ा शेयर, अपनी उलझनों में ही अपनी मुश्किलों के हल मिलते हैं, जैसे टेड़ी-मेढ़ी शाखाओं पर ही रसीले फल मिलते हैं
– विधायक निधि की राशि को 1 करोड़ से बढ़ाकर किया 1 करोड़ 10 लाख रुपए 
– हमने ई-गवर्नमेंट शुरू कर टेंडर प्रक्रिया को किया ऑनलाइन 
– 100 फीसदी आधार एनरोलमेंट से लोगों को हुआ फायदा 
– शिमला में टेक्नोलॉजी पार्क बनेगा जिससे 400 युवाओं को रोजगार मिलेगा
– तिब्बतियों को भी सस्ता राशन मिलेगा, इसके लिए 220 करोड़ रुपए सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के लिए
– पीडीएस के तहत डिजिटल राशन कार्ड जारी होंगे
– वर्ल्ड बैंक ने हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट के लिए 1144 करोड़ रुपए दिए
– इसके तहत ऑटोमेटिक पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग प्लांट पर ज्यातादर राशि खर्च होगी
– रोहडू और कुल्लू में इसके लिए बाजार स्थापित किया जाएगा
–  वेदर रिकॉर्डिंग सिस्टम प्रदेशभर में शुरू किए जाएंगे, जिससे किसानों को फसल बीमा का मिलेगा सही लाभ  
– वेदर बेस्ड क्रॉप इंश्योरेंस की शुरूआत की घोषणा
– मुख्यमंत्री कीवी प्रोत्साहन योजना की घोषणा
– कीवी फ्रूट्स के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
– योजना के तहत 50 फीसदी सब्सिडी कीवी फलों की खरीद-बिक्री में दी जाएगी
– कीवी प्रोत्साहन योजना के लिए 4 करोड़ रुपए का बजट 
– किसानों को प्लास्टिक ट्रे पर मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी
– नर्सरी उत्पादन और इंडोर प्लांट के लिए नई योजना
– ई-मार्केटिंग की शुरुआत जिला स्तर पर होगी, जिससे हॉर्टिकल्चर फसल को हेलस्टॉर्म से बचाया जा सके
– सॉयल हेल्थ मैनेजमेंट, प्रूनिंग, पॉलीहाउस के लिए शॉर्ट टर्म कोर्सेस होंगे शुरू 
– 3 करोड़ रुपए के बजट से ग्रामीण युवाओं को दिया जाएगा इसका प्रशिक्षण 
– हॉर्टिकल्चर विभाग के लिए 424 करोड़ रुपए 
– 25 लाख रुपए तक की सॉयल टेस्टिंग लैब को 40 फीसदी सब्सिडी 
– मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की शुरुआत की गई, इस योजना के तहत सोलर फेंसिंग पर सब्सिडी को 60 फीसदी से 80 फीसदी करने का प्रावधान
– सीएम वीरभद्र सिंह का शायराना अंदाज, हवा से कह दो कि खुद को आजमा के दिखाए, बहुत चिराग बुझाती है एक जलाकर तो दिखाए
– किसान स्वरोजगार योजना पॉलीहाउस लगाने के लिए शुरू की
– 5 साल बाद पॉलीहाउस को बदलने पर 50 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी
– न्यू मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस रेनोवेशन स्कीम
– किसानों को सब्सिडी सीधे उनके खातों में मिलेगी
– ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए बायो पेस्टिसाइज
– 200 बायो विलेज्स साल 2017-18 में बनाए जाएंगे जिसमें ऑर्गेनिक खेती होगी
– बेस्ट ऑर्गेनिक फार्म को 5 लाख, 3 लाख और 1 लाख का इनाम दिया जाएगा
– ये पुरस्कार न्यू जैविक खेती पुरस्कार योजना के तहत दिए जाएंगे
– जैविक खेती के अधीन 2000 हैक्यटेयर क्षेत्र लाने का रखा लक्ष्य, 20 हजार बर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने का रखा लक्ष्य
– पशु पालकों के लिए शुरु होगी हेल्पलाइन
– पशुओं की बीमारी पर मिलेगी सहायता
– मुख्यमंत्री खेत सरंक्षण योजना की अनुदान राशि 60 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी बढ़ी
– विदेशी और ऑफ सीजन सब्जियों की पैदावार को देंगे बढ़ावा 
– 1165 करोड़ का बागवानी विकास प्रोजेक्ट किया लांच
– मिल्क प्रोसेसिंग और चिलिंग के लिए मिलेगी 75 फीसदी सब्सिडी
– विदेशी और ऑफ सीजन सब्जियों की पैदावार को देंगे बढ़ावा 
– मिल्कफैड को दूध बेचने वाले पशुपालकों को तोहफा
– अगले वित्त वर्ष से दूध की कीमत में बढ़ौतरी का किया ऐलान, प्रति लीटर एक रुपए कीमत बढे़गी
– इस साल बनाए जाएंगे 100 ट्राऊट यूनिट, अभी तक 6011 ट्राउट मच्छली यूनिट प्रदेश में, नए यूनिट बनाने के लिए सरकार देगी सहायता
– प्रदेश में मच्छली पालन को मिलेगा और बढ़ावा, 12 हजार से अधिक मच्छुआरे मछली पालन से जुड़े हैं, राज्य में 1 हजार ट्राउट यूनिट स्थापित होंगे
– आवारा पशुओं की पहचान के लिए टैटूज का इस्तेमाल होगा
– पशुपालन विभाग के लिए 374 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान
– राज्य में 13 हजार वर्ग किलो मीटर बढ़ा फारेस्ट कवर
– फेंसड वानर वाटिका शिमला के तारादेवी में स्थापित की जाएगी, जिसमें आवारा बंदरों को रखने की व्यवस्था होगी
– पौंग डैम में पर्मानेंट बर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू होगा
– हिमाचल प्रदेश एन्वायरमेंट लीडरशिप अवॉर्ड शुरू किए जाएंगे
– पर्यावरण संरक्षण के लिए ये पुरस्कार दिए जाएंगे
– इसमें 1 लाख रुपए का पुरस्कार, 50 हजार रुपए का पुरस्कार और 25 हजार रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे
– 500 इको विलेज शुरू किए जाएंगे
– प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला में खोलेगा क्षेत्रीय कार्यशाला
- जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए मिलेगी सुविधा
– जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए धन का किया प्रावधान
– प्रदेश सरकार ने 2017-18 के लिए 42 करोड़ रुपए का किया प्रावधान
– राज्य में 13 वर्ग किलोमीटर बढ़ा फारेस्ट कवरट
– नई मुख्यमंत्री जीवनयापन योजना होगी शुरु
– योजना को लिए 10 करोड़ का प्रावधान
– लोन के ब्याज पर मिलेगी छूट
– प्रदेश में 4 लाख स्वाइल हेल्थ कार्ड बनाए गए
– हमीरपुर जिला देश में रहा अव्वल
– स्वाइल हेल्थ लैब को और उपयोगी बनाया जाएगा
– सोशल ऑडिट योजना की घोषणा, सभी विभागों को हर माह देनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट
– सरकार गुणवत्ता युक्त साफ पानी देने के लिए प्रतिबद्ध है
– 512 फिल्ट्रेशन यूनिट स्थापित किए जाएंगे
– 31 मार्च 2017 तक स्थापना सुनिश्चित होगी
– प्रदेश में टूरिज्म पार्क बनाने की घोषणा। कनलोग, सराहन, कुल्लू, कसोल, धर्मशाला, पांवटा में बनेंगे पार्क
– प्राकृतिक धरोहरों को संजोए रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला में खोलेगा कार्यशाला
– पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए एनवायरमेंट लीडरशीप अवार्ड की घोषणा, विजेता को एक लाख रुपए और ट्रॉफी देने का ऐलान
– बीपीएल परिवारों के लिए बोर्ड लगाने के लिए दो महीने का वक्त, बोर्ड न लगाने पर हटेगा सूची से नाम
– उद्योगों के विकास के लिए उद्योगों को एंट्री टैक्स, विद्युत ड्यूटी, चेंज इन लैंड यूज चाजेर्ट, स्टेंप ड्यूटी में छूट दी जा रही है
– हैंडलूम क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए योजना की शुरूआत, 193 करोड़ योजना के लिए रखे गए 
– शहरी इलाकों में पार्किंग के लिए 50 फीसदी ग्रांट देगी सरकार
– अटल मिशन और अमृत मिशन योजना के तहत राज्य सरकार ने राशि बढ़ाकर 50 करोड़ की
– अर्बन लोकल बॉडीज को सरकार ग्रांट देगी, बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान
– वीरभद्र का शायराना अंदाज-ऐ मेरे परिंदे यूं जमीन पर बैठकर क्यों आसमान को देखता है,पंखों को खोल क्योंकि जमाना सिर्फउड़ान देखता है।
शिमला। इस सरकार का यह आखिरी बजट वाटर गार्डों, पंचायत चौकीदारों, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर व एसएमसी अध्यापकों कंप्यूटर टीचर तथा आउटसोर्स कर्मचारियों आदि के लिए कुछ राहत लेकर आया है। प्रदेश सरकार ने इनके मानदेय व सहायता अनुदान में बढ़ोतरी की सौगात दी है। वहीं,  कंप्यूटर टीचर तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक माह में समुचित नीति बनाई जाएगी। बजट भाषण में सीएम वीरभद्र सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि अब वाटर गार्डों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 1700 प्रति माह किया जाएगा।
वाटर गार्डों को 1500 की बजाए 1700 प्रति माह मिलेगा मानदेय
पंचायत चौकीदारों का सहायता अनुदान 2050 से बढ़ाकर 2550 प्रति माह
सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय 2300 से 2800 प्रतिमाह बढ़ाया जाएगा
मिड डे मील के तहत कार्यरत रसोईया एवं सहायक को राज्य कोष से मिलेंगे 200 प्रतिमाह
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को1000, सहायकों के अतिरिक्त मानदेय को 300 से बढ़ाकर 600 किया
पंचायत चौकीदारों का सहायता अनुदान 2050 से बढ़ाकर 2550 प्रति माह किया जाएगा तथा ग्राम पंचायत की सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय 2300 से 2800 प्रतिमाह बढ़ाया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं को उनके कार्यकलापों के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अब उन्हें कम से कम 800 की प्रोत्साहन राशि प्रतिमाह दी जाएगी। एसएमसी अध्यापकों का पारिश्रमिक 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।
रसोईया एवं सहायक जो मिड डे मील स्कीम में कार्यरत हैं, को भारत सरकार द्वारा 1000 प्रति माह की दर से भुगतान किया जा रहा है। अब 200 प्रतिमाह की अतिरिक्त राशि राज्य कोष से मिलेगी। इससे 22,500 व्यक्तियों को लाभ मिलेगा। बजट भाषण के दौरान सीएम ने कहा कि
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायकों को भारत सरकार द्वारा आईसीडीएस योजना के अंतर्गत तय किए हुए मानदेय के अतिरिक्त भी प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय दिया जा रहा है। वर्ष 2014-15 में राज्य सरकार द्वारा इस अतिरिक्त मानदेय को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 300 से बढ़ाकर 450 प्रति माह तक बढ़ाया गया था तथा सहायकों के लिए 200 से बढ़ाकर 300 प्रति माह बढ़ाया गया था। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त मानेदय को 450 से बढ़ाकर 1000 तथा सहायकों के अतिरिक्त मानदेय को 300 से बढ़ाकर 600 किया जाएगा, जिससे 36,800 कर्मियों को लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समुचित आवासीय आवश्कताओं से अवगत है। वर्तमान मकानों को भी रख-रखाव की आवश्यकता है। 45 करोड़ की राशि के सरकारी कर्मचारियों के नए आवास निर्माण हेतु प्रस्तावित की गई है। सरकारी आवासों की मरम्मत के लिए 20 करोड़ की राशि चिन्हित करना प्रस्तावित है। तहसीलों/उप-तहसीलों तथा राजस्व भवनों के निर्माण हेतु 10 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
गरीबों को आवास बनाने को मिलेंगे 1 लाख 30 हजार
शिमला। प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानियों, स्वतंत्रता सेनानियों की विधावाओं को मिलने वाली सम्मान राशि में इजाफा कर दिया गया है। इसके लिए स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्रियों के विवाह के समय दी जाने वाली विवाह अनुदान राशि को भी बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा राजीव आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के अलावा अन्य आवास कल्याण योजना में मिलने वाली उपदान राशि में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। बजट भाषण में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजीव आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1,30,000 तक आवास उपदान की राशि बढ़ा दी है। अन्य आवास कल्याण योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली उपदान राशि को 75,000 से बढ़ाकर 1,30,000 किया जाता है। वर्ष 2017-18 में आवासों के निर्माण के लिए 115 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। वहीं, मातृ शक्ति बीमा योजना के अन्तर्गत 10 से 75 वर्ष की लड़कियों, महिलाओं की अपंगता एवं मृत्यु होने पर 1 लाख की बीमा राशि प्रदान की जाती है। मातृशक्ति बीमा योजना के अन्तर्गत इस आर्थिक राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख करने की घोषणा की गई है। यह लड़की, महिलाओं के मृत्यु के संदर्भ में अथवा उन के पतियों के मृत्यु, पूर्ण अपंग होने की स्थिति में दिया जाएगा। अंगविहीन होने पर 1 लाख की राशि प्रदान की जाएगी। सीएम ने स्वतन्त्रता सेनानियों की सम्मान राशि को 10,000 से बढ़ाकर 15,000 करने की घोषणा की। इसके साथ-साथ स्वतन्त्रता सेनानियों की विधवाओं को मिलने वाली सम्मान राशि 5000 से बढ़ाकर 15,000 करने का ऐलान किया। स्वतन्त्रता सेनानियों की पुत्रियों के विवाह के समय दी जाने वाली विवाह अनुदान को 21,000 से बढ़ाकर 31,000 रुपए करने की भी घोषणा की। पुलिस कर्मियों के आवास के लिए 30 करोड़ और रख-रखाव के लिए 6 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित है।
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