दिल की कलम

दिल के पन्नों से जो निकला है, हर शब्द बाहर आएगा, बाहर आएगा, अब मेरे दिल का पन्ना न खाली जाएगा, न खाली जाएगा………………………………..
मुद्दतों से चाहत थी कि, भर दूँ हर खाली पन्ना ज़िन्दगी का शब्दों से,
पर शब्द थे कि कँहा रुक पाए पन्नों पे पन्नों पे……
अब शब्दों का समंदर बाहर आएगा, बाहर आएगा,
अब मेरे दिल का पन्ना ना खाली जाएगा, ना जाएगा…….
हर शब्दों पे रंग मैं भर सकू भर सकू, और अपने ही कदमों के निशाँ पर चल सकू ,चल सकू…..
अब हर कदम मेरा अपना कहलाएगा, अपना कहलाएगा,
तोड़ कर हर जंजीर कदमों की, कदमों की
लिख दूँ मैं इक नई इबारत शब्दों की, शब्दों की अब मेरे दिल का पन्ना ना खाली जाएगा ना जाएगा |
कवयित्री
✍🏻✍🏻✍🏻कनगी शर्मा
चुवाड़ी जिला चम्बा