समय नहीं है/कविता/राम भगत

समय नहीं है …

ये जीवन भाग दौड़ से भरा है
बहुत कुछ हमें जीवन में करना होता है
लेकिन हमें समय नहीं

हम बडते है ऊंचाइयों में
आने वाले बहार भी आते है
उन्हे सम्भालने को समय नहीं

भविष्य को अन देख कर
वर्तमान से हम लड़ कर
भविष्य बनाने को समय नहीं

छोटों को प्यार करना
बडो को नमस्कार करना
दोनों को आदर सत्कार करने का समय नहीं

संगति दुनियां भर कर
विसंगति कर पल तू कर ऐ इंसान
लेकिन सत्संग सुनने को समय नहीं

मिठास लाओ मीठे बोल
जीवन बड़ा ही अनमोल सुन लो सब
लेकिन जीवन से लड़ने को समय नहीं

मौन रहो या भजन कर
या प्रभु सुमिरन कर
लेकिन भक्ति करने को आज समय नहीं

समय से समय गुजरा
समय किसी का ना रहा

अब तो सम्भल ऐ मानव
फ़िर ना कहना समय नहीं था

राम भगत

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