मौत का तांडव है हर रोज़..

मौत का तांडव है हर रोज़
और तु चुप चाप है खामोश बन कर

तेरी बाँसुरी की धुन
तेरी सुदर्शन और तीर कमान

क्या आज दुष्ट और बुरा
संकट को टाल नही सकता

माना की कलियुग है
तेरी शक्तियां अदृश्य है

पर तेरी दया दृष्टि
भगवान इतना निर्दय क्यू

हर रोज़ हर पल
मौत का तांडव दिख रहा है

और तु फ़िर भी
चुप चाप मस्त हो कर देख रहा है

यहाँ सपने टूट रहे है
रिश्ते टूट रहे है

पहाड़ फट रहे है
खेत ख्लीयान नष्ट हो रहे है

बस और कितना तांडव
हम देखे हर रोज़

ना युद्ध है कुरुक्षेत्र का
ना रामायण का युद्ध

ना पानीपत की लड़ाई है
ना चीन पाकिस्तान के साथ

फ़िर भी इस कलियुग में
इतना मौत का तांडव क्यू

रहमकर प्रभु दया कर सब पर
राम भगत की पुकार है अब

इस तांडव को बंद कर
सब की आत्मा दुखी हुई है

रहम कर प्रभु रहम कर
राम भगत किन्नौर
9816832143