💐 नन्ही कलियां💐
बुझ गए वो चिराग़ जो अभी जले ही थे,
कुछ थी कलियां कुछ फूल अभी बने ही थे।
जीत गयी मौत हार गई जिंदगी वो, जो बड़ी मन्नतों से मांगी थी।
अधूरी थी माँ की लोरी अभी,
पापा के खिलौने भी कंहा अभी खेले थे,
चले थे कुछ दूर नन्हे कदम, देखे कंहा अभी ज़िन्दगी के मेले थे।।
बोये थे बीज अभी “नर्सरी” में कुछ फूलों ने अभी ली अंगड़ाई थी,
देखा ही न था सावन अभी जिन फूलों ने,
मौत से हुई उनकी लड़ाई थी,
मुरझा गयी वो डाली भी नन्ही सी कली जिस गौद ने उगाई थी।
सीखने ज़िन्दगी का वो पाठ अभी स्कूल जो चली थी,
भयानक था मंजर जब चीख भी मुँह से न निकल पाई थी।
निगल गयी मौत ज़िन्दगी को जो अभी कुछ कदम ही चली थी।
निगल गयी मौत ज़िन्दगी को जो अभी कुछ कदम ही चली थी।
बुझ गए वो चिराग जो अभी जले ही थे,
कुछ थी कलियां कुछ फूल अभी बने ही थे।।

💐नूरपुर बस हादसे के बच्चों को श्रद्धांजलि 💐😢💐
आशीष बहल
चुवाड़ी जिला चम्बा
9736296410