कुछ करने वाली सरकार चाहिए
ना तो अब नईं घातों का इन्तजार होना चाहिए
उठे जो फिर अगर भारत कि और आतंकी कदम
तो भारत की सीमा लाहौर के पार होनी चाहिए

बहुत हो चुकीं हैं अब भारत पर आतंक की घातें
अब कभी जो हुईं भारतीय सीमा पर ऐसी घात तो
वो आतंकी हमें 2 जून की रोटी को लाचार चाहिए

रोज रोज जो सीमा पर हमलों को अंजाम देता है
जो भारत के वीर जवानों की कीमती जान लेता है
उनकी तबाही के लिए एकता का हथियार चाहिए

सिर ना उठ पाए आतंकी देश का विश्व के सामने
जुवान तो हर किसी की चली है हमले को लेकर
पर आतंक के खात्मे को हाथ करोड़ों हजार चाहिए

राजनीति हो रही है देश की सीमा और सुरक्षा पर
देश के लिए राजनीति की जुवानों को जो काट डाले
ऐसी रक्षात्मक, निडर और फौलादी तलवार चाहिए

देश की रक्षा के लिए जी-से-जान तक जो लगा दे
उठ जाओ अब मेरे प्यारे देश के नौजवानों साथ दो
अब कुछ करने वाली हमें “रविन्द्र” ये सरकार चाहिए
रविन्द्र अत्री