जोर लगा के देखिये,,
हमारी खवर देखिये ,
हमारी कदर देखिये,
सफाई तक की बातें,
प्रधानमन्त्री जी सिखा रहे,
चढ़ा कितना ज्वर देखिये।।

फोटो शूट का जल्वा देखिये,
खड़े हो जाओ लेकर झाड़ू,
जहाँ कहीं मलवा देखिये,
गन्दगी हटी नहीं मन से,
नाली बन्द करता झाड़ू देखिये।।

बात कह कर एकवार देखिये,
मशवरे मिलते कैसे हजार देखिये,
शिक्षा के कैसे फड़चे उड़ रहे,
वनिये को कैसे छोड़ना है पीछे,
नीजी स्कूलों में जाकर देखिये।।

संस्कार नाम की चीज नहीं,
बातें बड़ी बड़ी करते देखिये,
पूछ लो चन्द सवाल सौदागरों से,
बड़ी सफाई से कह देंगे जनाव,
नियमों की कितनी सख्ताई देखिये।।

सब को चाहिये दिखावा,
झूठी शान और नकली पहचान,
फरेव की दुकान चलाते देखिये,
देख कर अनदेखा करते हैं लोग,
मानसिकता की मरती हालत देखिये।।

जिस देश की जनता ऐसी,
छल कपटी लोभी नशे में चूर,
हर दिन बहाँ कत्लेआम देखिये,
नारी को कहते जग जननी है,
सरेराह नीलाम होती आवरू देखिये।।

किसका दोष किसको दूँ दुहाई,
पढ़ी लिखी अनपढ़ गंवार कर्जाई,
वालिद ए कत्ल औलाद देखिये,
कानून के पालक ही नवालिग हों,
हालात नहीं सुधरेंगे, जग्गू, वेशक,
जोर लगा के देखिये।।
जग्गू नोरिया