चतुर /दीपक कुल्लुवी

चतुर
यमदूत कहें अब चलो प्रिये यमराज का बुलावा आया है
अपने कर्मों का फल भोगने सीधे नरक में बुलाया है
शायर,कवि थे तुम तो तुमने सबको बहुत सताया है
फ़ालतू के व्यंग्य सुनाकर सारी दुनियाँ को पकाया है
रस्सियों से बाँध के ले चले दूत हर्गिज़ रहम न खाया
हमनें भी कोई कसर न छोड़ी शेर पे शेर सुनाया
जैसे ही हम स्वर्ग द्वार से गुज़रे लालू जी मुस्काए
नरक द्वार पे जाता देख हमें अपना हाथ हिलाए
हमनें पूछा ए लल्लुआ जी आप स्वर्ग में कैसे
कौन जुर्म है जो किया न आपने फ़िर भी यहां पे कैसे
लालू बोले चारे घोटाले ने हमको बचा लिया
नरक में जाते जाते हमको स्वर्ग में पहुंचा दिया
हमने यहां पे आते ही यम के भैंसे को पटा लिया
चारा घोटाले का ताज़ा चारा उसे खिला दिया
हमने कहा तुम यम को पटाकर हमको स्वर्ग भिजवा दो
बदले में हर रोज़ तुम हमसे ताज़ा चारा खा लो
फिर क्या था अपनी तो प्यारे किस्मत बदल गई
नीचे रवड़ी खाते थे और यहां भी रवड़ी मिल गई
देव हों या दानव सारे पट जाते हैं प्यारे
अक्कल हो लालू जैसी तो बादल छँट जाते हैं प्यारे

दीपक कुल्लुवी


दीपक ‘कुल्लुवी’
Deepak Kuluvi Press Reporter : Himachal Kesri
Vice President Authors Guild Of Himachal
Deepak Sahitya Sadan
Shamshi Kullu (H.P)175126
8894541484(M)
01902-65020( Landline No.)

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