चुवाड़ी में साक्षात विराजमान है भगवान कृष्ण

भगवान कृष्ण की लीलाओं का कोई अंत नही भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान आपको भारत के कोने कोने में मिल जाएगा। एक ऐसा ही अद्भुत कृष्ण मन्दिर है चुवाड़ी में स्थित अति प्राचीन मुरली मनोहर जी का। इस मंदिर का इतिहास कई साल पुराना है इस मंदिर में विराजमान भगवान कृष्ण मुरारी की श्याम प्रतिमा किसी के भी मन मोह लेती है। करीब 500 साल पुराना बताया जाने वाला ये मंदिर हजारों भक्तो की आस्था का केंद्र है। यंहा विराजमान इस प्रतिमा को लेकर कई कहानियाँ भी प्रचलित हैं। कहते हैं कि बहुत साल पहले इस प्रतिमा को गड़रिये लाहुल स्पिति की तरफ से लेकर आए थे और रास्ते मे जाते हुए इस प्रतिमा को यंही स्थापित किया। चुवाड़ी के पुजारी जो कई पीढ़ियों से इस मंदिर की सेवा करते आये हैं उन्होंने आज भी इस मंदिर की भव्यता को कायम रखा है। भट्टियात का इकलौता प्राचीन कृष्ण मंदिर है।

राजाओं महाराजाओं के समय से यँहा पर नित्य भजन कीर्तन होता है। देखने मे लक्ष्मी नारायण मंदिर चम्बा की प्रतिमा का ही रूप लगने वाली ये भगवान कृष्ण की मूर्ति अपने आप मे अदभुत छटा बिखेरती है। मंदिर के पुजारी श्री पवन शर्मा कहते है कि ये मूर्ति दिन में दो तीन बार अपने रूप और हाव भाव को बदलती है जो भी सच्चे मन से यंहा भगवान कृष्ण की आराधना करता है उसे भगवान कृष्ण के भव्य रूप के दर्शन होते हैं। आज कृष्ण जन्माष्टमी पर चुवाड़ी में आप मुरली मनोहर के मंदिर में भगवान के इस विराट रूप के दर्शन कर सकते हैं। चुवाड़ी शहर में 2 दिन तक भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान होगा तथा रात को 12 बजे पूरा शहर उस समय खुशी से झूम उठता है जब भगवान कृष्ण का जन्म होता है। कल यानी सोमवार को चुवाड़ी बाज़ार में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें भगवान की झांकी का आनंद सभी ले सकते हैं। आइये हम सब मिलकर अपनी इस अमूल्य धरोहर और आस्था के प्रतीक भगवान कृष्ण की महिमा का प्रचार और प्रसार करें।

जय श्री कृष्णा
आशीष बहल चुवाड़ी जिला चम्बा