जळी जायाँ तूँ वे सड़के/जग्गू नोरिया

जळी जायाँ तूँ वे सड़के,
तैं वो मेरे लाल मुकाये हो,
चौनी पासयाँ तेरे थू थू होये हो,
तैं ताँ लाड़ळी मेरी खाई हो,
खड़ी चढ़ाईयाँ हंडी हो लैणियाँ,
हण्डनी कियाँ हुण हो सड़के,
तैं ढाढड़े रोग दिलाँ लगाये हो,
उठणा प्यागा दा तैं छुडा़या हो,
औंदी याद अपणयाँ दी,
छम छम रोणा आया हो,
जळी जाँयाँ तूँ वो सड़के,
जीवने च नेहर तें लाया हो,
कुसजो हुण में खाना बनाणा हो,
कुसजो प्यागा प्यागा जगाना हो,
तैं ताण नींदरा ढाढिया सुलाये हो,
जळी जायाँ तूँ वो सड़के,
सपने सारे तैं मुकाये हो,
ओंदेयाँ दिखदी जाँदया दिखदी,
नजरी नी मेरे प्यारे आये हो,
कुस कणे दुख बंडाँ
कुन्हाँ राह मैं हंडाँ,
तैं कण्डे चप्पे चप्पे बच्छाये हो,
जळी जायाँ तूँ वो सड़के,
तैं कदये दिन अज दिखाये हो,
आरली वे रुळाई तैं पारळी भी रूळाई हो,
रुळाई दिती मानवता सारी हो,
इकी ही ग्रायाँ च कहर वरपाया,
कियाँ सहणा कहर तैं ढाहया हो
जळी जायाँ तूँ वो सड़के,
ख्याळ तिज़ो कैणी आया हो।

जग्गू नोरिया

सुशील कुमार ने एक मिनट में दिलाया 14 वां गोल्ड

बस हादसे में जो चिराग बुझ गए/आशीष बहल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *