जब कोई दिल तोड़े/राम भगत नेगी

जब कोई दिल तोड़े

जब कोई दिल तोड़े
जब कोई ज्यादा बोले

चुप रहो सुनते रहो
मुख से एक शब्द मत खोलो

चलते रहो दौड़ते रहो
चुप चाप बस सुनते रहो

दर्द फूट पड़ेगा आज या कल
मत कर तू उस पर कोई पहल

गीत गा संगीत बजा
मत दे दिल को कोई सजा

रास्ते खुलेंगे फिर से
दिल मिलेंगे फिर से

बगिया बना पानी सींच
मत नफरत की लकीर तू खींच

प्यार दे थोड़ा मुस्कुराह दे
दिल में उसे पनाह दे

क्यू की प्यार ही दुनियाँ में
जीने की सबसे बड़ी ताकत है

मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर

शिकायत अब नहीं ..

शिकायत अब नहीं है
जिंदगी से कोई शिकवा भी नहीं

कभी हारे है कभी जीते है
कभी रोये है कभी हंसे भी है

सारी तकलीफें झेली है मेने
अब तो मजा आने लगा है

पता चला है अब
ये तकलीफ ही मेरी जिंदगी है

शिकायत अब नहीं है
जिंदगी से कोई शिकवा भी नहीं

मौलिक अप्रकाशित
राम भगत किन्नौर
9418232143

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