कवि मृत्यु शैय्या पर/सुरेश भारद्वाज निराश

हास्य व्यंग्य

कवि मृत्यु शैय्या पर

कल मैंने सुना कि मैं मर गया
लोग कह रहे थे अच्छा था बेचारा
चारपाई पर ही पसर गया
एक वृद्ध बोले
इसका पोस्टमार्टम करवाओ
इसका डैथ सर्टिफिकेट बनबाओ
क्यूँकि कवि शीघ्र नहीं मरते हैं
इनसे यमराज भी डरते हैं
जब कभी कोई कवि मरा है
उसने यमराज को छकाया है
घंटों अपने पास बिठाया है
एक कविता की बात नहीं
पूरा काव्य ग्रंथ उसे सुनाया है
अब यमराज भी कवियों से घवराता है
और कोई कवि शीघ्र उपर नहीं जाता है
इसका भी क्या भरोसा
यह भी दे सकता है धोखा
मेरी बात मान जाओ
इसे अस्पताल पहुंचाओ
डैथ सर्टिफिकेट बनबाओ
मुझे अस्पताल पहुँचाया गया
मुर्दाघर में लिटाया गया
एक नर्स आई उसने चादर हटाई
मेरी आँख की पुतली पिचकाई
बोली हाय कवि इतने सुन्दर होते है
मैने सुना था छछुन्दर होते हैं
दिल पर हाथ रखा ,कहा सांस तो जा रहा है
हाथ हटाया मैंने कहा रहने दे
मजा आ रहा है
उसने गाऊन हटाया
पेट पर चीरा लगाया
जलिम मरने तो देती मैंने कहा
कौन बोला
वही जिसका तूने पेट खोला
खैर फिर डाक्टर आया
मुझे उल्टा सीधा किया
नर्स से ब्लेड लिया
दिल चीर दिया
अन्दर से आवाज आई
कवि का दिल है अभी अभी तो नर्स पे आया है
तूने कहां बीच में बलेड फंसाया है
खैर उसने बिधिवत पोस्टमार्टम किया
प्रथ्म द्दषटा प्रमाण पत्र दिया
इसके हलक में शायद कविता अड़ गयी है
तभी इसकी काया पीली पड़ गयी है
चौवीस घंटे तक इसे बर्फ की सिला पर लिटाये रखो
उस पर नज़रें गढाये रखो
नहीं उठा तो मेरे पास आना और प्रमाणपत्र ले जाना।
समस्या गंभीर थी
जनता मेरा परिणाम जानने को अधीर थी
चौवीस घंटे बीते
मृत्यु प्रमाण पत्र मिल गया
लोगों का बेचैन चेहरा खिल गया
मुझे गौशाला में लिटाया गया
बैलगाड़ी भर भर लोगों को
मेरे दर्शन के लिये लाया गया
रंग बिरंगे फूलों से मैं लद हो गया
लोगों का स्नेह देख गदगद हो गया
प्रधानमंत्री ने मौरिशियस से दूरदर्शन पर कहा
महान कवि के निधन की हमें पूरी अनुभूति है
इसके परिवार से पूरी सहानुभूति है
काश ये किसी दुर्घटना में मरा होता
घर बालों का लाख रुपय तो खरा होता
कृषि मंत्री ने कहा बह कृषि का महान ज्ञाता था
कवितायें बीजता था भूख उगाता था
एक बड़े सहित्यकार ने कहा
सहित्य जगत से आज एक सितारा लुप्त हो गया
उसके जाने से सहित्य रोगमुक्त हो गया
एक नेता ने कहा बह पूरा राजनेता था
बिपक्ष की रैली को कविता सुनाकर भगा देता था
उधर मुझे शमशान ले जाने की तैयारी की गयी
दूध गंगाजल से नहलाया गया
चंदन की लेप दी गयी
एक सीनियर कवि बोले
लाश को अच्छी तरह सजाओ
सारी उम्र फटेहाल रहा है
आज पैंट कोट पहनाओ
मुझे नया सूट पहनाया गया
दूल्हे की तरह सजाया गया
चार लोगों ने अर्थी को उठाया
एक ने नारा लगाया राम नाम सत है
बाकी तीनों बोले साला भारी बहुत है
लगता है बदहजमी से मरा है
देखो तो पेट पानी से भरा है
जरा सा हिलता है पानी उगलता है
पता नहीं कैसे जीता था
रोटी नहीं मिलती थी पानी ही पीता था
कम से कम हमारा ख्याल तो करता
मरना ही था तो शमशान में आकर मरता
कारवां आगे बढ़ता गया
मैं उनके कंधों में गढ़ता गया
बह दृष्य देखने लायक था
मानो शूटिंग हो रही थी और मैं नायक था
लोग क्या मचल रहे थे
लोग तो लोग साथ कुत्ते भी चल रहे थे
दो कुत्ते तीसरे से कहने लगे
उनकी आँखों से आँसु बहने लगे
यार स्टेज पर क्या गुर्राता था
राम कसम मजा आ जाता था
पर इसकी कविता लोगों को नहीं भायी
सिर्फ हम कुत्तों की समझ में आयी
क्यूँकि वह हमारी तरह भोंकता था
बे सिर पैर की झोंकता था
हम उसके आगे पीछे दुम हिलाते थे
खाली हाल में सोफों पर बैठ जाते थे
तब एक भूखा दूसरे भूखों को कविता सुनाता था
और पूरा हाल भूख में डूव जाता था

कारवां कुछ आगे निकला
पीछे बाले का पैर फिसला
बैलेंस डगमगा गया
मैं सीधा नीचे आ गया
हांडी बाले ने नारा लगाया रामनाम सत है
अर्थी वाले बोले
अब नही उठता हमारी तो बस है
अर्थी टूट गयी थी
उठाने बालों की हिम्मत छूट गयी थी
किसी ने पैर पकड़े किसी ने सिर थामा
लगने लगा डाँस डरामा
एक जिग्री की आँखो़ मे आँसू आ गये
मेरी दशा देख वो भन्ना गये
बोले दुष्टो ढंग से उठाओ
सारी उम्र घिस्टा है अब घसीट कर मत ले जाओ
किसी ने राम नाम का नारा लगाया
मुझे शमशान पर ला टिकाया
चिता पर लिटा दिया
शुरु हुई शमशान क्रिया
एक लंगोटिये ने आवाज़ लगाई
अब मत मिलना भाई
फिर चिता को आग दिखा दी
मुझे देख गीली लकडी़ मुस्करा दी
बोली पर्यावर्ण पर कविता कहता था
आज पर्यावर्ण को प्रदूषित करता है
जलदी आग नही पकड़ता
धुआं उगलता है
एक युवा कम्प्यूटर कवि बोला
क्यूँ काम बढाते हो
बार बार आग दिखाते हो
पुराने रिवाज तोड़ दो
इसे पास की नदी में छोड दो
मैं चिता पर लेटा कविता संजो रहा था
कवियों की दूरदृष्टी देख खुश हो रहा था
चिता छोड भागना चाहता था
ठण्डी चिता को त्यागना चाहता था
पर मृत्यु प्रमाण पत्र लोगों के पास था
और मैं मर गया हूँ मुझे अहसास था
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

सुरेश भारद्वाज निराश
धर्यशाला हिप्र
9418823654

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