नकली बाबा
नकली बाबाओं ने देश मे आतंक मचाया रे।
सभ्यता व संस्कृति को खूब मिटाया रे।।
रोज अखबार के मुख पृष्ठ पर ये छपते रे।
काले कारनामों से साधु वेश बदनाम किया रे।।
प्रवचन के मंच अब नहीं सजेंगे इन लोगों के।
धर्म के नाम पर लोगों की भावना से जो खेले रे।।
बड़े बड़े मठ खोल गंदे काम कर रहे जो।
जनता को लूटने में नम्बर वन बन रहे रे।।
यंत्र मन्त्र तंत्र जादू टोना झाड़ फूंक सभी।
लूटने के दिन दहाड़े इनके बने हथियार रे।।
धर्म भीरु जनता को ख़ौफ़ दिखा डरा रहे।
ऐसे नकली बाबाओं से सावधान रहिए रे।।
जब देखो टीवी तो रोज रोज सुन रहे।
फिर पकड़ाया एक बाबा काले कारनामे रे।।
अपने माता पिता को ही ईश्वर मान लीजिए।
व्यर्थ में न समय और धन न बिगाड़ो रे।।
कवि राजेश पुरोहित

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